{Sawan somvar vrat vidhi} श्रावण व्रत विधि (Shrawan Vrat)

सावन का महिना मुख्यरूप से महादेव को समर्पित है। ऐसा माना जाता है कि सावन के महिने में देवाधिदेव महादेव की अराधना करने से मनवांछित फल, धन, ऐश्वर्य तथा सम्पन्नता की प्राप्ति होती है। सावन के सभी सोमवार के पूजन का विशेष महत्व हैं । सभी सोमवार की पूजा अलग मंत्रों तथा विधि से की जाती है। इस वर्ष सावन में चार सोमवार हैं ।
महादेव की पूजा के लिये ,धतूरा का फूल, बेलपत्र, बेल, भांग तथा भांग की पत्ती, ऋतुफल, श्वेत चंदन, गंगाजल अथवा शुद्ध जल, दूध, दही, घी, शहद, ताम्बूल( पान, सुपारी, लौंग, इलायची, कुछ मीठा), धूप , दीप, अक्षत, कपूर इत्यादि एकत्रित कर लें ।
सर्वप्रथम जल, दूध, दही, घी तथा शहद से शिवलिंग का अभिषेक करें। उसके बाद शुद्ध जल अर्पित करें। तत्पश्चात् चंदन, बेलपत्र, धतूरा का फूल, बेलपत्र, बेल, भांग तथा भांग की पत्ती, ऋतुफल अर्पित करें । धूप- दीप दिखायें । उसके बाद जो भी सोमवार हो उसके अनुसार मंत्र जपें तथा आरती कर क्षमा प्रार्थना करें